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नई दिल्ली : बीते कुछ सप्ताह से यह खबर चर्चा का विषय बनी हुई है और मुख्य रूप से विपक्ष इस बात पर लगातार आवाज उठा रहा है कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह संसद में क्यों नहीं आ रहे हैं और जंतर मंतर पर हुए आंदोलन में छात्रों पर हुए लाठी चार्ज और हिंसा को लेकर जवाब क्यों नहीं दे रहे हैं लेकिन अब जब अमित शाह इस मामले पर सामने आकर जवाब देने की बात कर रहे हैं तो विपक्ष ने राह बदल ली है। न्यूज़ एजेंसी PTI और ANI से की गई बाद में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने क्या कहा यह भी एक जरूरी समझने का विषय है।
बीते कुछ हफ्तों से लगातार विपक्ष इस बात की मांग कर रहा था कि अमित शाह जो केंद्रीय गृह मंत्री हैं वह छात्रों से जुड़े मुद्दे जो जंतर मंतर पर आंदोलन हुआ उसमें हुई हिंसा को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री जवाब दें लेकिन बीते कुछ हफ्तों से केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह संसद के सत्र में शामिल नहीं हो रहे थे हालांकि उन्हें कई बार सांसद के दायरे में देखा गया लेकिन अब अमित शाह इस विषय पर बोलने के लिए तैयार दिख रहे हैं और उन्होंने इस बात की पुष्टि भी कर दी है लेकिन अब यहां से मामला बदलता दिख रहा है। आपको बताते चलें कि लगातार विपक्ष केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से आंदोलनरत छात्रों पर हुई हिंसा को लेकर जवाब मांग रहा है।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने न्यूज़ एजेंसी PTI और ANI सखी गई बात में गृहमंत्री अमित शाह यह कहते नजर आ रहे हैं कि वह चर्चा के लिए पूरी तरह से तैयार हैं और इसके लिए उन्होंने समय भी निर्धारित कर दिया है लेकिन अब विपक्ष ने रा बदलते हुए चर्चा करने से लगभग इनकार कर दिया है और केवल अमित शाह के इस्तीफा को लेकर मांग कर रहे हैं हालांकि यहां से रास्ते अलग हो रहे हैं क्योंकि कुछ दिन पहले ही विपक्ष लगातार इस बात पर आंदोलन करता दिख रहा था कि अमित शाह संसद के सत्र में शामिल क्यों नहीं हो रहे हैं और आंदोलन से जुड़े हिंसा जैसे मामलों पर जवाब क्यों नहीं दे रहे हैं।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का बयान जिसमें उन्होंने इस बात की पुष्टि कर दी है कि वह चर्चा के लिए तैयार है उसके बाद विपक्ष अब चर्चा के लिए तैयार नहीं दिख रहा है और राहुल गांधी जो विपक्ष के नेता हैं उनका भी कथन अब बदल गया है जिसमें अब वह लगातार केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की स्थिति से की मांग कर रहे हैं हालांकि राहुल गांधी और तमाम विपक्ष के नेता इससे पहले इस बात पर जोर दे रहे थे कि अमित शाह छात्रों के साथ हुई हिंसा पर संसद में आकर जवाब दें लेकिन